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देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस ने सलिल एस. पारेख को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया है।

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सलिल पारेख बने इंफोसिस के नए सीईओ और एमडी

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सलिल पारेख बने इंफोसिस के नए सीईओ और एमडी

सलिल पारेख बने इंफोसिस के नए सीईओ और एमडी
December 02
23:06 2017
बंगलूरू।
देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस ने शनिवार को सलिल एस. पारेख को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया है। वह विशाल सिक्का की जगह लेंगे। वह अगले साल दो जनवरी को कार्यभार ग्रहण करेंगे और उनका कार्यकाल पांच साल के लिए होगा।
बंगलूरू स्थित कंपनी ने विवादों के चलते अगस्त में अपने पद से इस्तीफा देने वाले सिक्का के उत्तराधिकारी की खोज शुरू की थी। नए सीईओ का नाम सुझाने के लिए बनी कमेटी की सिफारिश पर सलिल की नियुक्ति हुई है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज में अपनी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। इंफोसिस ने एक बयान में कहा कि कंपनी के अंतरिम सीईओ और एमडी यूबी प्रवीण राव मुख्य परिचालन अधिकारी तथा पूर्णकालिक निदेशक बने रहेंगे।
कौन हैं पारेख
सलिल एस. पारेख फ्रांसीसी आईटी सर्विसेज कंपनी कैपजेमिनी समूह के एक्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य हैं। वर्ष 2000 में अर्नेस्ट एंड यंग के कंसलटिंग डिवीजन के अधिग्रहण के बाद उन्होंने कैपजेमिनी ज्वाइन की थी। पारेख ने कॉरनेल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। आईआईटी बॉम्बे से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं।
ये भी थे दौड़ में
इंफोसिस के लिए संभावित सीईओ की तलाश के बीच बाहरी उम्मीदवारों के साथ ही कंपनी के अंतरिम सीईओ प्रवीण राव, सीएफओ रंगनाथ डी मविनकेरे, डिप्टी सीओओ रवि कुमार एस और बैंकिंग, फाइनेंशियल और इंश्योरेंस सर्विसेज तथा हेल्थकेयर वर्टिकल के हेड मोहित जोशी के नाम भी इस दौड़ में शामिल थे।
विवादों के चलते सिक्का ने दिया था इस्तीफा
कंपनी के सीईओ विशाल सिक्का ने इस साल अगस्त में कंपनी के संस्थापक नारायण मूर्ति से मतभेदों के चलते इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि दुर्भावनापूर्ण निजी हमलों के बीच काम नहीं कर सकते हैं। मूर्ति ने सिक्का के नेतृत्व में हुई पनाया डील को लेकर सवाल उठाए थे।
नीलेकणि की हुई थी वापसी
सिक्का के इस्तीफा देने के बाद कंपनी के एक और संस्थापक तथा आधार परियोजना के प्रमुख रहे नंदन नीलेकणि बतौर गैर कार्यकारी चेयरमैन वापस लौटे थे।
सलिल का शानदार रिकॉर्ड
कंपनी के निदेशक मंडल के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा कि पारेख के पास सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र में लगभग तीन दशक काम करने का अनुभव है। कई कारोबारों को बनाने और कई अधिग्रहण को सफलतापूर्वक प्रबंध करने का उनका शानदार रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि निदेशक मंडल का मानना है कि ऐसे परिवर्तनकारी समय में इंफोसिस का नेतृत्व करने के लिए पारेख एकदम उचित व्यक्तिहैं।
दूसरी बार सीईओ
यह दूसरा मौका है जब इंफोसिस का सीईओ कंपनी से बाहर के किसी व्यक्ति को बनाया गया है। इससे पहले 2014 में विशाल सिक्का एसएपी से लाकर सीईओ बनाया गया था। वह कंपनी के गैर संस्थापक सीईओ थे।
पारेख के सामने चुनौतियां
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि पारेख को नई भूमिका में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसमें संस्थापकों और प्रबंधन बोर्ड के बीच शांति बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। साथ ही उनका प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्हें फैसले लेने में कितनी आजादी मिलती है।
सातवें सीईओ होंगे पारेख
नारायण मूर्ति 1981-मार्च 2002
नंदन नीलेकणि मार्च 2002- अप्रैल 2007
एस गोपालकृष्णन अप्रैल 2007- अगस्त 2011
एसडी शिबूलाल अगस्त 2011- जुलाई 2014
विशाल सिक्का जुलाई 2014 -अगस्त 2017
यूबी प्रणीव राव अगस्त 2017 से अब तक

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